TUMHE APNA BANANE KA lyrics

Lyrics

तुम्हे अपना बनाने का जुनून
सर पे है, कब से हैमुझे आदत बना लो इक बुरी
कहना ये तुमसे हैतुम्हे अपना बनाने का जुनून
सर पे है, कब से है
सर पे है, कब से हैजिस्म के समंदर में
इक लेहर जो ठहरी है
उसमे थोड़ी हरक़त होने दोशायरी सुनाती इन, दो नशीली आँखों को
मुझको पास आके पढ़ने दो
इश्क़ की ख्वाहिशों में
भीग लो बारीशों में
आओ नातुम्हे पाकर ना खोने का जुनून
सर पे है, कब से हैमुझे नज़रों में रख लो तुम कहीं
कहना ये तुमसे है
तुम्हे अपना बनाने का जुनून
सर पे है, कब से है
सर पे है, कब से हैरोकना नही मुझको
ज़िद्द पे आ गयी हूँ मैं
इस क़दर दीवानापन चढ़ादेखो ना यहाँ आके
मेरा हाल कैसा है
टूट के अभी तक ना जुड़ाअब संभलना नही है
जो भी है वो सही है
आओ नातुम्हे खुद से मिलाने का जुनून
सर पे है, कब से है
मुझे रहने दो अपने पास ही
कहना ये तुमसे हैतुम्हे अपना बनाने का जुनून
सर पे है, कब से है
सर पे है, कब से है

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