Numayish hindi shayari by imshiva

 

 

तेरे इश्क के असर से बेअसर हर दर्द हुआ,

तेरी कातिलाना नज़रों से मैं घायल है कदर हुआ |

मुझे जाखमो ने सिखया की खुद की आजमायिश न कर,

इश्क का एक असुल है की है की नुमाइश न कर |

 

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